30/03/2025
नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना के साथ मां के प्रथम स्परुप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाती है। राजा हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। ये वृषभ पर विराजती हैं इनके दाएं हाथ में त्रिशूल तो बाएं हाथ में कमल रहता है इनका स्वरुप बहुत मनमोहक लगता है। नवरात्रि के प्रथम दिन साधक का मन मूलाधार चक्र में स्थापित होता है।
HAPPY NAVRATRI!