03/04/2018
एक किसान भगवान की बहुत भक्ति करता था| सुबह शाम किसान के घर भगवान को भोग लगाकर ही खाना खाया जाता था| एक ओर किसान भगवान को इतना मानता था, और दूसरी ओर उनसे नाराज भी रहता था|
किसान पूरे साल मेहनत से काम करता और फसल उगाता, लेकिन जब फसल कटने का समय आता, तब उसकी आखों से आँसू आने लगते थे| कभी अधिक बारिश से, तो कभी पानी की कमी से, कभी तेज धूप पड़ने से, तो कभी पाला पड़ने से उसकी आधी फसल खराब हो जाती थी| किसान को भगवान की इस बात पर बहुत गुस्सा आता था|
एक दिन किसान मंदिर गया, और भगवान की मूर्ति के सामने जाकर बोला, भगवान आप सर्वज्ञानी हैं, सर्वज्ञाता है, लेकिन मुझे लगता है, आपको खेती के बारे में जरा भी जानकारी नहीं है| मैं पूरे साल मेहनत करता हूँ, लेकिन खेती के बारे में आपकी जानकारी के अभाव में हर बार मेरी आधी फसल खराब हो जाती थी|
आप एक बार मेरे हिसाब से सबकुछ करिये तब देखिए मेरी फसल कितनी अच्छी होती है, तब आपको भी खेती की थोड़ी जानकरी हो जाएगी| 🙂 आप बस मेरे हिसाब से चले और एक बार मुझे मौका दे, मेरे हिसाब से बारिश करे, और मेरे हिसाब से धूप|
किसान की बात सुनकर भगवान मुस्कुराते हुये बोले, ठीक है, पुत्र एक साल जो तुम चाहोगे ऐसा ही होगा| भगवान की बात सुनकर किसान खुश होकर घर चला गया|
अगले दिन किसान सुबह ही खेत पर निकल गया, किसान ने खेत में गेहूं बोये| किसान ने जब चाहा खेत में धूप हुई और जब चाहा बारिश| किसान ने ओले, आँधी, तूफान और तेज धूप को कभी आने नहीं दिया| किसान की फसल इस बार खेतों में लहरा रही थी, जिसे देखकर किसान की खुशी बढ़ती ही जा रही थी| उसे अपने पे बहुत गर्व महसूस हो रहा था, कि देखो भगवान को खेती की जानकरी नहीं है, और मैं तो खेती के बारे में सबकुछ जानता हूँ|
आखिर वो दिन भी आया, जिसका किसान को इंतजार था| फसल कटने का समय आ गया| किसान सुबह उठकर फसल काटने खेत में पहुंचा, लेकिन ये क्या वह फसल काटने के लिए जैसे ही बैठा उसके होश उड गए| गेहूं की जो बाली दूर से सुंदर और हरी भरी नजर आ रही थी, उसके अंदर एक भी बीज नहीं था|
किसान अपना सर पकड़कर बैठ गया, और भगवान से पूछा, ये क्या किया अपनी प्रभु 🙁
किसान की बात सुनकर भगवान बोले, ” बेटा ये सब तो होना ही था, जिस संघर्ष से गेहूं की बाली में बीच आता है, वो तो तुमने इन्हे कभी करने ही नहीं दिया| ना तो तुमने इन्हे कड़ी धूप का सामना करने दिया, और ना ही कभी आँधी तूफान का| संघर्ष के बिना पनपी ये गेहूं की बाली खाली ही रह गई| सोने को भी सुंदर गहने बनने के लिए आग में जलने, हथोड़े से पीटने जैसे अनेक संघर्ष से गुजरना पड़ता हैं|
कहानी छोटी, परन्तु ज्ञानवर्धन है| जीवन में आने वाली परेशानियां, मुसीबतें हमारे अंदर छुपी शक्तिओ को हमे पहचानने में हमारी मदद करती हैं| सोचिये अगर जीवन में परेशानियां और मुसीबतें ना हो, बिना इसके हमे सबकुछ मिलता रहे, तो क्या हम कुछ नया सोच पाएंगे, क्या हम कुछ नया कर पाएंगे| बिना संघर्ष से मिली सफलता, अधिक समय तक ना तो टिकती है, और ना ही वह हमे वास्तविक खुशी दे पाती हैं|
जीवन में आने वाली चुनोतियो का सामना करते हुये निरंतर आगे बढ़ते रहने के बाद मिली सफलता जो सुख देती है, वो सुख संसार की कोई भी वस्तु नहीं दे सकती|🌾🌾🌾🍃🍃🍃👏👏