08/11/2025
आज अपने गांव गोरसैरा में पहली बार विदेशी मेहमान आए।जो जर्मनी के निवासी हैं।
अतिथि देवो भव की परंपरा को निभाते हुए मेरी माता जी ने आरती से उनका स्वागत किया। और अपने यहां का घर का बना देशी खाना खिलाया।
मैंने उन लोगों को लगभग आधा गांव घुमाया दिखाया। और यहां के रीति रिवाज और संस्कृति के बारे में बताया। जिससे वो बहुत ही प्रभावित हुए।
उन लोगों को हमारे गांव से बाहर का दृश्य बहुत ही ज्यादा प्यारा और आकर्षक लगा जिसकी उन्होंने ने बहुत ही ज्यादा तारीफ की।
इसके साथ साथ वो लोग कुछ चीजों को लेके नाखुश भी हुए.... जैसे कि स्कूल की खराब स्थिति, टूटे फूटे रोड, नाला और जहां तहां फैला हुआ कूड़ा करकट।
अगर इन सभी नकारात्मक चीजों को नजरअंदाज किया जाए तो सबसे खुशी की बात ये है कि भविष्य में अपने गांव की शिक्षा व्यवस्था के सुधार और विकास के लिए मदद करने का वादा किया है।
ये हमारे गांव गोरसैरा के लिए एक अच्छे भविष्य की शुरूआत है। ❤️💐