08/07/2020
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह 1927 में पूर्वी उत्तरप्रदेश के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी के एक कृषक परिवार में जन्मे थे। स्कूली शिक्षा भीमपुरा के राम करन इण्टर कॉलेज में करने के बाद उन्होंने एम.ए डिग्री इलाहबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। अपने विद्यार्थी राजनीति में उन्हें एक "फायरब्रान्ड" के नाम से जाना जाता था। विद्यार्थी जीवन के पश्चात चंद्र शेखर जी समाजवादी राजनीति में सक्रिय हुए।
1962 से 1977 तक ये भारत के ऊपरी सदन राज्य सभा के सदस्य रहे। इसके बाद इन्होंने 1984 में भारत की पदयात्रा की ताकि वो भारत को अच्छी तरह से समझने की कोशिश कर सकें। सन 1977 मे जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्होने मंत्री पद न लेकर जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लिया था। सन 1977 मे ही वो बलिया जिले से पहली बार लोकसभा के सांसद बने।
उन्होंने पहले के नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह के राजीनामें के बाद जनता दल से कुछ नेता लेकर समाजवादी जनता पार्टी की स्थापना की। उनकी सरकार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव ना करने के लिए समर्थन करने के बाद उनकी छोटे बहुमत की सरकार बन गयी।
चंद्रशेखर जी प्रधान मन्त्री के पद में 8 महीने तक रहे। चन्द्रशेखर जी अपने संसदीय वार्तालाप के लिए बहुत चर्चित थे और उन्हें 1995 में आउटस्टैंडिंग पार्लिमेंटरियन अवार्ड भी मिला था।
शेखरजी को मल्टीप्ल मायलोमा, एक प्रकार का प्लाज्मा कोष कैंसर हुआ था। 3 मई, 2007 को उनको इस रोग के इलाज हेतु गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया। उनकी अवस्था बिगड़ती गयी और आखिर में 8 जुलाई को नई दिल्ली के एक अस्पताल में उनका देहावसान हो गया।
आज उनकी पुण्यतिथी पर भारतीय पंचायती राज पार्टी उन्हें शत शत नमन करती है।