13/02/2020
दीमक एक हानिकारक और खतरनाक कीट है
मनुष्य जीवन की तीन मूलभूत आवश्यकताओं में से आवास का बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। मनुष्य जीवन भर मेहनत-मशक्कत करने के उपरान्त एक छोटे से घरौंदे का निर्माण करता है। यह घर उसकी प्रतिष्ठा, उसका सम्मान होता है। सर्दी-गर्मी, धूप-छाँव, सुख-दुख, हर मौसम, हर स्थिति में यह घर उसको एक छत एक आसरा देता है, उसका सहारा बनता है। नए घर में ऐसी ही नई आशा और विश्वास के साथ वह अपना गृह निवेश करता है। किन्तु यह घर मात्र मनुष्य का ही नहीं अपितु अन्य कई जीव-जन्तुओं का ठिकाना बन जाता है। घरों में कॉकरोच, मच्छर, छिपकली जैसे न जाने कितने ही जीव अपने ठोर-ठिकाने बना लेते हैं और साथ लाते हैं बिमारीया और कई परेशानियाँ।
ये जीव तो फिर भी अक्सर हमारी नजरों के सामने घूमते-फिरते दिखाई देते रहते हैं, किन्तु कुछ जीव तो ऐसे भी होते हैं जिनके पनपने के बाद भी हमें पता ही नहीं चलता कि ये हमारे घरोें में मौजूद भी हैं। ऐसा ही एक जीव है-दीमक।
क्या है दीमक
दीमक छोटे-छोटे कीट हैं जो घरों के पुराने दरवाजों, खिड़कियों या दीवारों के कोनों में देखने को मिलती है और लकड़ी और लकड़ी की बनी चीजें जैसे फर्नीचर दरवजो खिड़कियों आदि को कुतरकर खा जाते हैं। इन दीमकों का घर में होना बहुत ही नुकसानदेह होता है। वैसे तो दीमकों का प्रकोप हर मौसम में देखने को मिल ही जाता है परन्तु बरसात में यह सबसे अधिक तेजी से फैलती है। खिड़की, दरवाजों और लकड़ी के सामानों के साथ-साथ ये कागज में भी बहुत जल्द फैलती है। जिस वस्तु में एक बार दीमक लग जाये वह शीघ्र ही पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है।
वैज्ञानिक तोर पर
देखने में भले ही दीमक चींटी की भाँति होती है, परन्तु इनका चीटियों से भिन्न और उसकी अपेक्षा कम विकसित माना जाता है। दीमक इंसेक्टा आइसॉप्टेरा (insecta isoptera) वर्ग-गण के सदस्य हैं, इंसेक्टा-कीड़े और आइसॉप्टेरा बराबर पंख वाला, अर्थात दीमक ऐसे कीड़े हैं जिनके आगे और पीछे के पंख लगभग समान अाकार के होते हैं। अध्ययन के अनुसार अब तक 1,500 से भी अधिक दीमकों की जातियों का पता लगाया जा चुका है। भारत में ही 220 विभिन्न प्रजातियों की दीमक पाई जाती है।
दीमकों का निवास
माना जाता है कि दीमक पिछले 20-30 लाख वर्षों से पृथ्वी पर हैं और इनका उल्लेख अनेक पुर